Department

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान , डायट , एवं अनुभाग प्रारम्भिक शिक्षा एवं उसके गुणात्मक विकास हेतु जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कार्यो को सुचारू रूप से निष्पादित करने के लिए कुल 07 अनुभाग है। ये अनुभाग प्रमुख है -



1) सेवापूर्व अध्यापक-प्रशिक्षण अनुभाग
2) कार्यानुभव अनुभाग
3) प्रौढ शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा विषयक जिला साधन इकाई
4) सेवारत कार्यक्रम, क्षेत्रीय सम्पर्क तथा प्रवर्तन-समन्वयन अनुभाग
5) पाठयक्रम सामग्री विकास तथा मूल्यांकन विभाग
6) शैक्षिक प्रौधोगिकी एवं तकनीकी अनुभाग
7) नियोजन एवं प्रबन्ध्न अनुभाग

1) सेवा पूर्व अध्यापक प्रशिक्षण अनुभाग डायट के अनुभागों के प्रभारी वरिष्ठ प्रवक्ता अपेक्षित हैं। जबकि सह-प्रभारी तथा कार्य में सहयोग के लिए प्रवक्ता / सहायक अध्यापक द्वारा कार्यक्रम संचालित होते है। डायट संत कबीर नगर में सेवापूर्व अनुभाग द्वारा बी.टी.सी. (आवासीय प्रशिक्षण) उर्दू बी.टी.सी. (सरकार द्वारा नियोजन पर निर्भर) विशिष्ट बी.टी.सी. तथा मततब / मदरसे के सेवापूर्व शिक्षकों / अनुदेशकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। क्रिया-कलाप : बी.टी.सी. के छात्र अध्यापकों का नियमित प्रार्थना, प्रार्थना स्थल पर उपस्थिति, निर्धरित पाठयक्रम का पूर्णतया आवासीय शिक्षण-प्रशिक्षण, पाठयक्रम, पाठयचर्या, प्राथमिक स्तरीय पाठयपुस्तक, शिक्षकसंदर्शिका, टी.एल.एम. / एस.एल.एम. निर्माण, कार्यशाला, संगोष्ठी तथा विविध प्रकार के संज्ञान-सहगामी क्रिया-कलाप वर्षभर चलाये जाते है। शिक्षकों में (प्रशिक्षु) गहरी समझ के लिए इन्टर्नशिप, सत्रीयकार्य तथा क्रियात्मक शोद्ध पर कार्य बडी कुशलता के साथ सम्पादित होता है। तथा प्राथना स्थल, पर विविध प्रकार की शैक्षिक गतिविधिया संचालित होती है ।

2) कार्यानुभव अनुभाग डायट संत कबीर नगर की कार्यानुभव अनुभाग वार्षिक कार्ययोजना के अनुरूप सेवारत / सेवापूर्व शिक्षकों का कार्यानुभव विषयक प्रशिक्षण संचालित किया जाता है। कार्यानुभव अनुभाग द्वारा वर्षभर सेवापूर्व तथा सेवारत शिक्षकों में संज्ञान सहगामी, पाठयक्रम आधारित तथा प्राथमिक स्तर पर संचालित होने वाला कार्यानुभव विषयक पाठयक्रम पर आधारित सेवारत प्राथमिक / उच्च प्राथमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण गतिमान है। यह अनुभाग वर्ष भर कार्ययोजना के अनुरूप अपने कार्य जैसे-संगोष्ठी, चर्चा, कार्यशाला, प्रशिक्षण तथा अनुभवपरक एवं प्रयोगात्मक शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्यक्रम सम्पादित करते है।

3) प्रौढ शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा विषयक जिला साधन इकाई डायट संत कबीर नगर शैक्षिक प्रगति के लिए जनपद स्तर पर कमेटी का गठन, जो जनपद की साक्षरता, अनौपचारिक शिक्षा के बारे में सहयोग / कार्यक्रमों का क्रियान्वयन इत्यादि करती है। वार्षिक कार्य योजना के अनुसार, संस्थान में क्रिया-कलाप संचालित होते रहते है।.

4) सेवारत कार्यक्रम, क्षेत्रीय सम्पर्क तथा प्रवर्तन-समन्वयन विभाग डायट का यह अनुभाग सेवा में आ चुके शिक्षकों, प्रधनाध्यापक, समन्वयक, सह समन्वयक, जिला समन्वयक तथा डायट मेन्टर को सपोर्ट करता है। इसके अलावा शिक्षा मित्रा, कस्तूरबा गांधी, विधालय के शिक्षकों, मकतब / मदरसा के शिक्षकों, प्री प्राइमरी शिक्षकों के लिए भी कार्यक्रम संचालित करता है। डायट में इस अनुभाग के प्रभारी तथा सह प्रभारी है। अनुभाग द्वारा वर्ष में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद तथा सभी के लिए शिक्षा परियोजना परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा नियोजित एवं निर्देशित तथा डायट की स्वयं की अपनी प्रतिवर्ष की वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप कार्यशाला, प्रशिक्षण, बैठक, संगोष्ठी तथा विज्ञान टी.एल.एम., प्रोजेक्ट इत्यादि नवाचार, प्रदर्शनी, मेले आदि का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय पाठयचर्या की रूप रेखा 2005 एवं नि:शुल्क रूप से अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, उ.प्र. 2011 के अनुरूप पाठचर्या, पाठयक्रम, पाठयपुस्तक के शिक्षण विधियां तथा नवाचार विषयों- भाषा, गणित, विज्ञान तथा सामाजिक विषय पर प्राथमिक / उच्च प्राथमिक शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों समन्वयकों, सहसमन्वयकों का प्रशिक्षण संचालित कर रहा है/करता है। आर.टी.ई. एक्ट 2009 एवं एन.सी.एफ.-2005 पर आधरित महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण 'संवाद’ चलाये/चल रहे है। अनुभाग वर्ष में दो शैक्षिक जर्नलों 'प्रभा’ एवं 'शिक्षक संवाद’ नाम से निकालता है, जिसमें प्राथमिक शिक्षा से जुडे विषय-वस्तु होती है।

5) पाठयक्रम सामग्री विकास तथा मूल्यांकन विभाग:- डायट का यह अनुभाग प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तरीय पाठयक्रमों की समीक्षा, प्रत्यावर्तन तथा पाठयक्रम नियोजन के साथ-साथ मूल्यांकन के तौर-तरीके, प्रश्न पत्र का निर्माण, ब्लू-प्रिन्ट का निर्माण तथा परिषदीय विधालयों के बच्चों हेतु प्रश्न पत्री का निर्माण कार्य करता है। पाठयक्रम सामग्री विकास एवं मूल्यांकन अनुभाग द्वारा वार्षिक कार्य योजना एवं एस.सी.ई.आर.टी. तथा एस.एस.ए., द्वारा निर्देशित विविध् प्रकार के क्रिया-कलाप जैसे पाठयक्रम समीक्षा, ब्लू प्रिन्ट के अनुसार प्रश्न पत्रों के निर्माण विषयक कार्यशाला, संगोष्ठी तथा साहित्य निर्माण करता है। अनुभाग द्वारा क्यू .एम.टी. का भी निर्माण किया जाता रहा है।

6) शैक्षिक प्रौधोगिकी एवं तकनीकी अनुभाग:- वर्तमान समय में इस अनुभाग की उपयोगिता काफी विस्तृत है। डायट का यह अनुभाग शिक्षण, प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण तथा शिक्षा में विविध् स्थलों में प्रौधोगिकी एवं तकनीकों के प्रयोग, दक्षता, जानकारी तथा मूल्यांकन से संबंधित कार्य करता है। उ.प्र. की शैक्षिक सूचना एवं प्रौधोगिकी जो कि, सूचना एवं प्रौधोगिकी के अनुप्रयोग पर कार्यक्रम चलाती है, के सहयोग से क्रिया-कलाप संचालित किये जाते है। यह अनुभाग भी वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप एवं एस.सी.ई.आर.टी. / एस.एस.ए. की योजनाओं का क्रियान्वयन करता है।

7) नियोजन एवं प्रबन्धन अनुभाग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में यह अनुभाग सेवापूर्व / सेवारत प्रशिक्षणों, कार्यक्रमों समय-सारणी तथा विविध् प्रकार की योजनाओं का नियोजन एवं प्रबंधन है। यह भी अनुभाग अपनी वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, समन्वयकों, सह-समन्वयकों के शैक्षिक विकास, अभिप्रेरण तथा कौशल संबंधी प्रबंध् प्रशिक्षण संचालित करता है। कक्षा शिक्षण प्रबंधन एवं नियोजन पर भी क्रिया-कलाप संचालित किये जाते है। डायट, संस्थान में यधपि सभी अनुभाग अलग-अलग है लेकिन समन्वयन की दृष्टी से एक है। प्राचार्य के निर्देशन में सभी अनुभाग समचित एवं सहयोग की भावना से एक दुसरे के साथ मिलजुलकर कार्य करते है।

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