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सुविधाएं एवं अवस्थापनात्मक तत्व

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, संत कबीर नगर में प्रारमिभक शिक्षा एवं उससे जुड़े शिक्षण-प्रशिक्षण का कार्य होता है। सेवापूर्व प्रशिक्षण में आवासीय प्रशिक्षण, बी.टी.सी., विशिष्ट बी.टी.सी., उर्दू बी.टी.सी., सेवारत बी.टी.सी. तथा मकतब / मदरसा शिक्षकों का आधारभूत प्रशिक्षण चलाये जाते है। संस्थान सेवारत प्रशिक्षण जिसमें, मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण (विषयों एवं आवश्यकताओं पर आधारित) संचालित करता है। प्रशिक्षण, एस.सी.ई.आर.टी. तथा एस.पी.ओ. सर्व शिक्षा अभियान के निर्देशन में संचालित होते है।

विविध प्रकार के प्रशिक्षणों के लिए नवाचारी , तकनीकी व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध है। जैसा कि स्पष्ट है, संस्थान 1904 के पुराने बैरेक्स में संचालित होता है अत: कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय तथा प्रशिक्षण कक्ष मौजूद है। छात्रों के रहने के लिए न्यूनतम छात्रों को हास्टल सुविधाएं भी उपलब्ध् हैं। प्रशिक्षुओं के अध्ययन-अध्यापन के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थन संत कबीर नगर, उ.प्र. ने अवस्थापनात्मक तत्वों का आकलन कर 12 वीं पंचवर्षीय योजना एवं वार्षिक कार्य योजना का प्लान एवं प्रार्सपेकिटव प्लान शासन एवं केन्द्र सरकार को प्रेषित किया है।

1- पुस्तकालय:-

संस्थान में एक केन्द्रीय पुस्तकालय है। पुस्तकालय में विविध विषयों, शिक्षा, Principal Of Education, साहित्य, विज्ञान, तकनीक शिक्षा, शिक्षा शासित्रायों की जीवनी, विषयगत शिक्षण (भाषा, Maths, विज्ञान तथा सामाजिक विषय एवं संज्ञान-सहगामी विषयों पर आधरित) इत्यादि पर पुस्तके है। पुस्तकालय में शिक्षको तथा प्रशिक्षुओं के पठन-पाठन के लिए पुस्तके उपलब्ध है। जैसा कि स्पष्ट है, संस्थान में निर्मित क्षेत्रों के अभाव के कारण, पुस्तकालय एक सीमित दायरे में चलता है। 12 वीं पंचवर्षीय योजना के प्रार्सपेकिटव प्लान में केन्द्रीय पुस्तकालय एवं अनुभाग पुस्तकालय (सभी सातों अनुभाग की अलग-अलग) योजना बनाई गयी है। पुस्तकालय विकास से संस्थान और समर्थ होगा।

2- प्रयोगशाला :-

प्रारमिभक शिक्षा एवं उसके गुणात्मक विकास हेतु प्रयोगशाला का अत्यधिक महत्व है। संस्थान में विज्ञान की प्रयोगशाला उपलब्ध है। विज्ञान एवं मानविकी विषयो जैसे - गणित , भूगोल तथा गृह शिल्प इत्यादि की बिखरी सुविधा उपलब्ध है। शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच , सिद्धiन्त का व्यवहार में प्रयोग के लिए समय-समय पर टी.एल.एम. / एस.एल.एम तथा विविध संसाधनों से प्रयोग के लिए बढावा दिया जा रहा है। 12 वीं पंचवर्षीय योजना में प्रयोगशाला / T.L.M. (Teaching Learning Material) / S.L.M. (Self Learning Material) कक्षा तथा आधारभूत विषयों (भाषा, गणित, विज्ञान तथा सामाजिक विषय) के विकास की योजनाएं नियोजित एवं अपेक्षित है ।

3- बेहतर फैकेल्टी :-

डायट संत कबीर नगर में सातों अनुभाग के सभी संकाय काफी बेहतर है। प्रदेश के डायटो में संत कबीर नगर की पहचान एक एकेडमिक डायट संस्थान के नाम से ख्यातिलब्ध है। यहां के अनुभाग प्रभारी, शिक्षक तथा अन्य सहकर्मी बेहतर ढंग से कार्य करते है। डायटसंत कबीर नगर की पहचान, यहां से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों से है। संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक जनपद एवं प्रदेश में अपनी साख मजबूती के साथ प्रस्तुत कर रहे है। यहां के एकेडमिक स्टाफ प्रदेश की शैक्षिक योजना, पुस्तक लेखन, माडयूल निर्माण तथा शिक्षण-प्रशिक्षण में समय-समय पर अपना योगदान देते है।

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